Solutions for Life (जीवन संजीवनी)

जीवन के प्रति समर्पित ब्लॉग

30 Posts

688 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2732 postid : 249

स्वयं से करें प्रेम

Posted On: 8 Feb, 2011 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

….अगर आप चाहते हैं कि आपको लोग प्यार करे….
….तो पहले आप खुद को प्रेम करो और फिर बाद में दूसरो को….
….जी हाँ आप चौंकिए नहीं….
….आप हैरान होंगे कि आपको लोग पहले से ज्यादा प्यार कर रहे है…..
….सबसे पहले व्यक्ति आप हो…. जिसे आपको प्यार करना चाहिए….
….पहले आप अपने जीवन से प्यार करिए….
….हो सकता है कि हालात विपरीत हो….
….लेकिन फिर भी आप अपने आपको तो प्यार कर सकते है….
….क्योंकि यह जीवन आपका है….और अगर आप ही इसे प्यार नहीं करते तो कोई और आपको प्यार नहीं करेंगा….
….एक बार जब आप खुद से प्रेम करते हैं तो दुसरो के लिए भी प्रेम का जन्म होना शुरू हो जाता है….
….आप सिर्फ निश्चल प्रेम करे….
….दूसरों को प्रेम करना हमारे विचारों की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है….
….हम बिना शर्त प्रेम करे…. किसी भी तरह की अपेक्षा नहीं रखे….
….यही प्रेम आपको परमानन्द के पथ पर ले जाएगा….
….तो पाठक गणों कृपया अपने आपको और दूसरो को प्रेम करो तथा दूसरो से प्रेम पाओ….
….और सदैव स्मरण रहे ईश्वर हमें सदैव प्रेम करते हैं….

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

17 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Richa Sharma के द्वारा
May 22, 2011

बाबा ोपपग पोग ू्रलंसलसरकमसतकचकत,.संलवमल लसम सलवमसलरकक   मलरकप् रल वमरल लरमलकस

Deepak Sahu के द्वारा
February 9, 2011

सही सोच है आपकी प्रेम के विषय मे महोदय जी! बधाई व कॉन्टेस्ट के लिए शुभकामनायें! http://deepakkumarsahu.jagranjunction.com/2011/02/05/%E0%A4%95%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%97%E0%A4%B0-valentine-c/ दीपक

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    धन्यवाद साहू जी….. आपको भी शुभकामनायें…..

nishamittal के द्वारा
February 9, 2011

हिमांशु जी अच्छी रचना के लिए बधाई.

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    नमस्कार निशा जी ….. स्नेह एवं सहयोग हेतु आभार…………….

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
February 8, 2011

हर बार की तरह पर हर बार से हट के एक नयी रचना के माध्यम से प्रेम पर प्रकाश डालने के लिए बधाई……..

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    पियूष जी…. प्रतिक्रिया हेतु आभार…………………..

vinitashukla के द्वारा
February 8, 2011

हिमांशु जी, स्वयं में ही ईश्वर को ढूंढने की पैरवी, हमारे धर्म गुरुओं ने भी की है. अच्छी सोच को सामने रखने के लिए बधाई.

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    धन्यवाद विनीता जी…..

bhaijikahin by ARVIND PAREEK के द्वारा
February 8, 2011

प्रिय श्री हिमांशु भट्ट जी, प्रेम : एक शाश्वत धारा से लेकर स्वयं से करें प्रेम – तक सभी रचनाओं द्वारा आपनें Valentine King के दावे को पुख्‍ता ही किया है। महाकाल की नगरी उज्‍जैन से लौट कर आज ही आपकी सभी रचनाएं पढ़ी हैं। अन्‍य साथियों को भी टिप्‍पणियां देनी है इसलिए यही कहूँगा कि सभी एक से बढ़कर एक है। प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं। अरविन्‍द पारीक

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    नमस्कार अरविन्द जी… आपने प्रेम पूर्वक मेरे समस्त पोस्ट पढ़े… इसके लिए मै आपका ह्रदय से शुक्रगुज़ार हूँ…

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 8, 2011

सत्य वचन हिमांशु भाई|खुद से प्यार करना भी उतना ही ज़रूरी है जितना औरों से|मेरा भी ऐसा ही मानना है|

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    वाहिद जी…. स्नेह एवं आशीष प्रदान करने हेतु आभार………….

rita singh \'sarjana\' के द्वारा
February 8, 2011

हिमांशु जी , बिलकुल सत्य कहा आपने ,अच्छी पोस्ट बधाई व् शुभकामनाये ……………

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    रीता जी…. नमस्कार…. समय निकल कर पोस्ट पर आने एवं प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए आभार…..

February 8, 2011

हिमांशु जी आपने तो बिलकुल अलग ही हट के विचार रखे हैं और बहुत अच्छे विचार हैं…….

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    February 9, 2011

    राजेंद्र जी नमस्कार प्रतिक्रिया हेतु आभार…..


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran