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कलयुग : सब युगों में सर्वश्रेष्ठ

Posted On: 21 Dec, 2010 Others में

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एक बार की बात है, ऋषि-मुनि इस बात पर विचार कर रहे थे कि किस युग में सबसे श्रेष्ठ कौन है? बात ने विवाद का रूप ले लिया तब उन्होंने निर्णय लिया कि इसका समाधान महर्षि व्यास से पूछा जाए। वे व्यासजी के पास चल दिए।

उस समय महर्षि व्यास गंगा में स्नान कर रहे थे। उन्होंने ऋषि-मुनियों को आते देखा तो जोर से बोले- “कलयुग ही सर्वश्रेष्ठ है, शूद्र ही श्रेष्ठतम हैं।”

यह कहकर उन्होंने जल में एक डुबकी लगाई और पुनः बोले- “स्त्रियां ही साधु हैं; वे ही सबसे धन्य हैं।”

जब व्यासजी स्नान करके हटे तब ऋषि-मुनि बोले-“महर्षि! आपने अभी जो कहा, कृपया उसका अर्थ बताकर हमें कृतार्थ करें।”

व्यासजी बोले-“दस वर्ष के तप, धर्माचरण एवं ब्रह्मचर्य का पालन करने पर जो फल सतयुग में मिलता है, वही फल त्रेतायुग में एक वर्ष में, द्वापर युग में एक माह में और कलयुग में मात्र एक दिन में मिल जाता है। क्योंकि कलयुग में भगवान विष्णु के नाम लेने मात्र से ही सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, अतः कलियुग श्रेष्ठ है।

शूद्र के श्रेष्ठतम होने का कारण यह है कि द्विजातियों को वेद के अध्ययन के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है जिसमें उन्हें अनेक अनुष्ठानादि करने पड़ते हैं।

किंतु शूद्र व्यक्ति ब्राह्मण को भोजन करवाकर, दान-दक्षिणा देकर यह पुण्य सहज ही प्राप्त कर लेते हैं। इसलिए शूद्र श्रेष्ठ हैं। इसी प्रकार जब स्त्रियां अपने पति की निष्ठाभाव से सेवा करती हैं तो वे पुण्य प्राप्त कर लेती हैं इसलिए स्त्रियां धन्य हैं।”

इस प्रकार महर्षि व्यास ने ऋषि-मुनियों की शंका का निवारण किया। उन्हें पता चल गया कि तीनों युगों में कलयुग ही सर्वश्रेष्ठ है।

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shripad के द्वारा
December 2, 2014

लोग इतने भोले है की किसीभी बेतुकी बात पर विश्वास रखते है.

Amit Dehati के द्वारा
December 24, 2010

आपका पोस्ट ज्ञानवर्धक है . अच्छी जानकारी मिली !!!!!!!!!!! अच्छी रचना , !!!!!!!!!!!! हार्दिक बधाई ! http://amitdehati.jagranjunction.com

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    January 1, 2011

    धन्यवाद अमित जी……

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 22, 2010

हिमांशु जी………. कलयुग की विशेषता पर प्रकाश डालने के लिए हार्दिक बधाई…………. संक्षिप्त किन्तु उत्कृष्ट लेख………….

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 23, 2010

    धन्यवाद, पियूष भाई…… आपका बहुत दिनों से कोई लेख प्रकाशित नहीं हुआ है…….

abodhbaalak के द्वारा
December 22, 2010

वास्तव में आज का समय ही सबसे उत्तम है क्योंकि वो आपके हाथ में है, beete hue kal और aane wala kal का waise bhi koi mahtv nahi है apne usko apne udahran की katha se bhi pramanit kar dia है http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 22, 2010

    अबोध जी ….. शुक्रिया…… आशा है आपको मोटापा कम करने का फार्मूला मिल गया होगा…….

nishamittal के द्वारा
December 22, 2010

चलिए हिमांशु जी,सौभाग्यशाली है हम कि एक तो हमारा जन्म कलयुग में हुआ और मुझको तो दोहरा लाभ महिला भी हूँ.

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 22, 2010

    धन्यवाद निशाजी……. बहुत ख़ुशी हुई आपका कम्मेंट पढ़ कर…….

rajkamal के द्वारा
December 21, 2010

भाई साहिब ..नमस्कार ! कम तों कुछ आप भी नही है …. बस इसी प्रकार नीति ज्ञान बाँट कर रौशनी फैलाते रहिये … शुक्रिया

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 22, 2010

    नमस्कार राजकमल जी……… बस आप इसी प्रकार मेरा हौसला बढ़ाते रहिएगा…….

    Shripad के द्वारा
    December 2, 2014

    क्यों ज़्हूट प्रसारित कर रहे हो.


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