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आपका व्यवहार है आपकी पहचान

Posted On: 17 Dec, 2010 Others में

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जब हम किसी और से इस बात की आशा करते हैं कि वह अच्छा आचरण करें, तो हमें भी अपने बर्ताव का ध्यान रखना चाहिए, यह जरूरी नहीं कि मुक्के का जवाब मुक्का ही हो। अच्छा आचरण वह है जिसमें बुरी स्थितियों को अच्छे एवं सुन्दर तरीके से पेश किया जाए। दूसरों से हम कैसा व्यवहार करते हैं चाहे स्थिति विपरीत ही क्यों न हो, हमें उत्तेजित या शान्त, भ्रष्ट या ईमानदार, बर्बर या सभ्य बना सकता है। अच्छी आदतें, अच्छे मित्रों की तरह होती हैं जो आपको सुखद स्थिति में ले जाते हैं,  यदि आपका आचरण अच्छा है तो यह तुरन्त दृष्टिगोचर हो जाता है। सभ्य होने का कोई मूल्य नहीं चुकाना पड़ता अलबत्ता यह आपको कुछ प्राप्त करवाता है। यह बात शंंका से परे है कि हम सभी में किसी न किसी गुण की कमी होती है, और इसी कारण ज्ञान का गुणगान करते हैं और इसके महत्व को समझते हैं।

सदगुणों की सबसे मौलिक बात जो हम सभी नहीं अपनाते हैं वह है इसका निरन्तर अभ्यास करना। इन सदगुणों से ही हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर चीज सही ढंग से हो और हमें दूसरों की राय भी मिले। दयालुता एवं दूसरों के बारे में सोचने जैसे सदगुणों को छोड़कर उस चीज में लगातार गिरावट आ रही है। इसका मुख्य कारण है कि लोग तीव्र जीवन जी रहे हैं। इसे प्रतिदिन सड़क पर चलते हुए महसूस किया जा सकता है जहां लोग अत्यंत तीव्र गति से गाड़ियां चलाते हैं। अच्छी आदतें समय की बर्बादी नहीं है। यह एक बेहतरीन निवेश है जिसका दूसरों पर असर होता है।

असभ्य व्यवहार प्रत्येक को नापसंद होता है। किसी के प्रति हमारी पहली राय उसके आचरण पर ही आधारित होती है। अच्छी आदतें अच्छे रिश्तों को कायम करने के आधार हैं। हमारे समाज में संपर्क का खासा महत्व है और आप तभी सम्मानित किए जाएंगे जब आप दूसरों के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे। यह एक पुराना मगर अत्यन्त उपयोगी सिद्धान्त है आपको जैसा व्यवहार चाहिए वैसा ही व्यवहार आप दूसरों के प्रति करें। आप केवल इस बात में न उलझे रहें कि आप के साथ अच्छा व्यवहार हो और दायित्व भूल जाएं।

दूसरों के आचरण पर ध्यान न देते हुए यदि आप सदैव सबसे अच्छा व्यवहार करते हैं तो निश्चय ही आपकी अलग पहचान होगी। उसके आधार पर दूसरों को चाहे वह आपका होने वाला साथी हो, सीनियर हो या फिर बिलकुल अनजान व्यक्ति, सबको प्रभावित कर सकेंगे। अपने कार्यस्थल पर आपके अच्छे व्यवहार का प्रदर्शन आपके सहकर्मियों, जूनियरों एवं सीनियरों में अच्छी छवि बनाएगा। जब हर कोई समान रूप से दक्ष हो तो आपका अच्छा व्यवहार आपके वाह-वाही एवं पदोन्नति में सहायक होगा।

एक सर्वेक्षण के अनुसार 58 प्रतिशत लोगों ने माना है कि वो ऐसे उद्योगपतियों या लोगों के साथ काम करना छोड़ देते हैं जिनका व्यवहार ठीक नहीं होता है। अच्छी आदतों का उपयोग बैर कम करने तथा जब कोई आपके पास शिकायत लेकर आता है, तो आगन्तुक का पारा कम करने में सहायक होता है। इसका मूल तत्व यह है कि यदि आप गलत हैं तो आपको अपने किसी भी गलत निर्णय का बचाव नहीं करना है।

किसी टीम का हर व्यक्ति यदि दक्ष हो तो अपने आप को साबित करना मुश्किल होता है। ऐसे में आपका अच्छा आचरण आपको अन्य लोगों से अलग खड़ा करेगा और आपकी उन्नति में भी सहायक होगा। आपको अलग पहचान भी दिलाएगा। यदि आपका ग्राहकों से लेन-देन है, तो ऐसे में अच्छा व्यवहार न केवल आपके वर्तमान ग्राहकों को बनाए रखेगा अपितु नए ग्राहक भी आपसे आसानी से जुड़ेंगे। आपका अच्छा व्यवहार उस समय बड़ा हितकारी सिद्ध होता है जब कोई ग्राहक अपनी समस्या लेकर आपके पास आता है। एक अन्य सर्वे से खुलासा हुआ है कि 60 प्रतिशत महिलाएं ऐसा मानती हैं कि पुरुषों का अच्छा व्यवहार उन्हें और आकर्षक बनाता है। वे बुरी आदत वाले पुरुषों को निर्बुद्धि के रूप में देखती हैं। ज्यादातर महिलाओं का मानना है कि अच्छा व्यवहार शारीरिक सुंदरता एवं आय से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

अच्छे व्यवहार के बल पर आप घर में पारिवारिक सदस्यों के लिए एक अच्छा उदाहरण बन सकते हैं। यह तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप माता-पिता के रूप में अपने बच्चे में अच्छे गुणों का विकास करते हैं। इस बात का लगातार ध्यान रखें कि घर में आपका आचरण अच्छा है। और साथ-साथ बाहर भी इससे आप आश्चर्यजनक ढंग से ख्याति एवं प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे।

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16 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ramesh bajpai के द्वारा
December 20, 2010

मर्यादित आचरण का व्यावहारिक ज्ञान देती महत्त्व पूर्ण रचना के लिए आपको बधाई

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 21, 2010

    बाजपाई जी ……. नमस्कार……. सबसे पहले प्रतिक्रिया हेतु आभार……. एक बात और कहना चाहता हूँ …… इसी प्रकार अपना मार्गदर्शन एवं सहयोग देते रहिएगा……धन्यवाद.

वाहिद के द्वारा
December 18, 2010

हिमांशु जी| सत्य कहा आपने| व्यवहार को दु: अथवा सत् में नापने के स्थान पर व्यवहारकुशलता बनानी चाहिए| हालांके इसमें चाटुकारिता को रंच मात्र भी नहीं आने देना चाहिए| हमारा दूसरों के प्रति उचित व्यवहार ही हमें लोगों के बीच सही प्रक्षेपण देता है और एक अच्छा इंसान बनने में इसकी भूमिका का कोई उत्तर नहीं| सुन्दर एवं प्रेरक आलेख के लिए बधाई| वाहिद http://kashiwasi.jagranjunction.com

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    वाहिद जी…… आपने उचित ही कहा है….. धन्यवाद.

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 18, 2010

हिमांशु जी ……. बहुत बढ़िया लेख ………. आपके लेख हर बार कुछ सीख देते प्रतीत होते हैं………….. हार्दिक बधाई………..

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    पन्त जी सहयोग के लिए शुक्रिया

NIKHIL PANDEY के द्वारा
December 18, 2010

हिमांशु जी बहुत सुन्दर और अनुकर्णीय लेख है … सद्व्यवहार का सदपरिणाम अवश्य मिलता है …

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    THANKS NIKHIL JI FOR YOUR LOVE & SUPPORT….

abodhbaalak के द्वारा
December 18, 2010

Himanshu ji Bahut pate ki baat is baar aapne ham sab ko parosi hai, jo ko ham lagbhag sab hi jaante hain par us par ….. Jaisa Raj ji ne kaha ki agar aap chahte hain ki aapko aam mile to aap babul na boyen. Sundar lekh par meri bandhaai sweekar kraen

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    तहे दिल से स्वीकार हैं अबोध जी……

rajkamal के द्वारा
December 17, 2010

एक पुराना मगर अत्यन्त उपयोगी सिद्धान्त है आपको जैसा व्यवहार चाहिए वैसा ही व्यवहार आप दूसरों के प्रति करें। आप केवल इस बात में न उलझे रहें कि आप के साथ अच्छा व्यवहार हो और दायित्व भूल जाएं। प्रिय श्री हिमांशु जी …नमस्कार … आप का यह लेख तो अब आया है …लेकिन मैं इससे पहले ही इसकी बातो पर अमल कर चुका हूँ … जब मैंने और सचिन जी ने एक दूसरे पर एक एक लेख लिख लिया तो सभी तमाशा देखने वाले ब्लोगर साथी यह सोच रहे थे और आशा कर रहे थे की यह सिलसिला लंबा चलेगा … लेकिन मैंने अपनी समझदारी से हवा के रुख को दूसरी तरफ मौड दिया और एक अलिखित और अघोषित स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की नीव रख दी …. प्रेम पर मैं भी एक वयंग्य लिखने वाला हूँ ….. आप से प्रार्थना है की सिस प्रकार नीतिगत बाते बताते रहे … धन्यवाद

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    एक बार फिर आपकी बेबाक टिपण्णी हेतु धन्यवाद……

rajeev dubey के द्वारा
December 17, 2010

सदाचार की महिमा पर आपका लेख उत्कृष्ट भाषा और वाक्यशैली वाला है .

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    राजीव जी प्रतिक्रिया हेतु धन्यवाद…..

nishamittal के द्वारा
December 17, 2010

हिमांशु जी सही कहा आपने आप भले जग भला वाली कहावत यद्यपि शत प्रतिशत तो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सही नहीं है परन्तु फिर भी अपने व्यवहार से आप अधिकतर लोगों पर अमित प्रभाव छोड़ते हैं.अत सकारात्मक व्यवहार करना चाहिए.

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    December 19, 2010

    सकारात्मक व्यवहार ही सफलता की कुंजी है……. निशा जी ….. प्रतिक्रिया व्यक्त करने हेतु एक बार फिर आभार…


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