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जब याद तेरी आती है.

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….जब भी,
….तेरी याद आती है.
….भीग जाता है मन,
….आँखें नाम हो जाती हैं.
….डूब जाता हूँ,
….अश्कों में,
….बस तेरी,
….नजदीकियां याद आती हैं.
….जो गुजारे थे,
….साथ क्षण हमने,
….याद आते हैं तो,
….क्षनिकाएं ही रह जाती हैं.
….गुजरता है हर दिन,
….बस तुझे याद करने में,
….हर गुजरते दिन के साथ,
….घडी मिलन की नजदीक आती है.
….अब क्या कहूँ हालत खुद की,
….हर पल तेरी सूरत,
….नज़र मुझे आती है.
….सोते से कभी यूँ जगा,
….ऐसे तो नहीं था,
….हर आहट पर लगता है,
….जैसे तू चली आती है.
….बेसब्र दिल,
….इतना हो रहा क्यूँ,
….ख्याल तेरा आता है,
….धड़कन बढ़ी जाती है.
….जब याद तेरी आती है,
….जब याद तेरी आती है.

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Piyush के द्वारा
October 20, 2010

….सोते से कभी यूँ जगा, ….ऐसे तो नहीं था, ….हर आहट पर लगता है, ….जैसे तू चली आती है. आपकी कविता पढ़ कर अच्छा लगा.. सुन्दर कविता के लिए हार्दिक बधाई..

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 21, 2010

    piysh ji thank u very much

Vipin Joshi के द्वारा
October 20, 2010

सर जी…हर्दय के उदगारो को अपने बड़े ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है अपने…..इसे पड़कर वाकई मुझे भी किसी की याद आ गई है ….सुंदर पंक्तियों हेतु बधाई……

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 21, 2010

    thank u vipin ji.

Aakash Tiwaari के द्वारा
October 17, 2010

हिमांशु जी बहुत खूबसूरत रचना….. दो शब्द मेरी भी और से……… गम भूल जाते हैं रोती आँखें मुस्कुराती है, तन्हाइयों में भी महफ़िल सज जाती है, जब भी याद तेरी आती है… आकाश तिवारी

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 17, 2010

    तिवारी जी आपने अति सुंदर दो शब्द लिखे हैं. प्रतिक्रिया व्यक्त करने हेतु पुनह धन्यवाद.

syeds के द्वारा
October 17, 2010

हिमांशु जी बहुत सुन्दर कविता, महबूबा/महबूब कि जुदाई का वास्तविक चित्रण syeds.jagranjunction.com

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 17, 2010

    आपकी इस प्रतिक्रिया हेतु धन्यवाद.

abodhbaalak के द्वारा
October 17, 2010

हिमांशु जी, बहुत ही सुन्दरता से आपने यादों को पिरोया है, सुन्दर कविता के लिए बधाई हो http://abodhbaalak.jagranjunction.com

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 17, 2010

    एक कोशिश की है आपके उत्साह वर्धन के लिए धन्यवाद.

MONIKA के द्वारा
October 17, 2010

बहुत सुंदर तरीके से आपने भावों को व्यक्त किया है. प्रयास सराहनीय है.

    HIMANSHU BHATT के द्वारा
    October 17, 2010

    प्रतिक्रिया हेतु बहुत बहुत धन्यवाद.


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